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Dosti

Posted by ashish.tripathi.ashish on March 7, 2013 at 10:30 PM

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया,

भूल ना पाऊँ उसे ऐसी निशानी दे गया.

उससे मैँ कुछ पा सकूँ,

ऐसी कहाँ उम्मीद थी,

गम भी वो शायद पराए, मेहरबानी दे गया,

उम्र भर दोहराऊंगा ऐसी कहानी दे गया,

सब हवाएं ले गया मेरी,समन्दर की कोई,

और मुझको एक कश्ती बाद बानी दे गया,

खैर मैँ प्यासा रहा पर उसने इतना तो किया,

मेरी पलकोँ की कतारोँ को वो पानी दे गया,

उम्र भर दोहराऊंगा ऐसी कहानी दे गया,

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया

 

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1 Comment

Reply ash tri
11:04 AM on October 15, 2014 
mast hai